लुधियाना। एक छोटे स्टूडियो में शाम को हारमोनियम और ढोलक की ताल गूंज रही थी। निर्माता का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ने क्षेत्रीय आवाजों को नया श्रोता दिया है।

साथ ही कॉपीराइट और भुगतान को लेकर स्पष्ट अनुबंध की जरूरत भी बढ़ी है।