चंडीगढ़। बोर्ड ने कहा कि प्रायोगिक परीक्षाएं लिखित परीक्षा से पहले पूरी कर ली जाएं। शिक्षकों ने राहत जताई लेकिन प्रयोगशाला संसाधनों की कमी का मुद्दा दोहराया।

अभिभावक संघों ने मांग की है कि परिणाम की तिथि पहले से घोषित रहे।