नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को उत्तर भारत रेल गलियारे के अगले चरण की औपचारिक घोषणा की। इस योजना के तहत पंजाब, हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख जंक्शनों का विस्तार किया जाएगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार पहले चरण में मालगाड़ियों के लिए अलग लाइनें बिछाई जाएंगी ताकि यात्री ट्रेनों का समय प्रभावित न हो। अधिकारियों ने कहा कि फसल सीजन में गेहूं और चावल की ढुलाई तेज करने का यही उद्देश्य है।
चंडीगढ़ और Ambala कैंट के बीच क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। स्थानीय व्यापार संघों ने इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी रखने की मांग भी की है।
विपक्ष का कहना है कि घोषणा से पहले राज्यों से पर्याप्त परामर्श नहीं हुआ। सरकार का पक्ष है कि सभी संबंधित मुख्यमंत्रियों को प्रस्ताव पहले ही भेज दिए गए थे।
परियोजना का विस्तृत खाका अगले महीने संसद की स्थायी समिति के सामने रखा जाएगा। केसरी लहर की पड़ताल के अनुसार यदि समय पर काम हुआ तो 2028 तक माल ढुलाई का समय करीब एक तिहाई घट सकता है।

